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Gulshan Yadav Biography Wikipedia – गुलशन यादव जीवन परिचय विकिपीडिया

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प्रतापगढ़: रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, प्रतापगढ़ की सियासत को पिछले तीन दशक से अपने हिसाब से चल रहे है। वो कुंडा सीट से निर्दलीय विधायक है, लेकिन इस बार राजा भैया के समक्ष अपने सियासी वर्चस्व को बचाए ऱखने की चुनौती है। दरअसल, राजा भैया को घेरने के लिए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हीं के सारथी पर दांव लगाया है। जी हां..अखिलेश ने कुंडा सीट पर राजा भैया के खिलाफ गुलशन यादव को चुनावी मैदान में उतारा है। आइए जानते है कौन हैं गुलशन यादव?

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कौन हैं गुलशन यादव

नामगुलशन यादव ( Gulshan Yadav)
जिलाप्रतापगढ़
गांवमऊदारा गांव
विधानसभाकुंडा
पितासुंदरलाल यादव
पत्नीसीमा यादव
भाईछविनाथ यादव ( जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी प्रतापगढ़ )
पार्टीसमाजवादी पार्टी

मऊदा से बने ग्राम प्रधान गुलशन यादव

सपा सरकार में पुलिस डीएसपी जियाउल हक की हत्या मामले में राजा भैया के साथ-साथ गुलशन यादव का भी नाम आया था। इसके बाद कुंडा में राजा के करीबी पुष्पेंद्र सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में गुलशन यादव को गिरफ्तार किया गया था और इसी मामले में पिछले 4 साल तक जेल में बंद रहे। लेकिन जेल से बाहर आने के बाद सियासी तौर पर सक्रिय हैं। तो वहीं, अब राजा भैया को इस बार कुंडा में ही कड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा।

2 दशक बाद सपा ने कुंडा से उतारा प्रत्याशी

2 दशक बाद सपा ने कुंडा से उतारा प्रत्याशी साल 1993 से रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा सीट से लगातार निर्दलीय विधायक चुने जाते आ रहे हैं और सपा-बीजेपी के सहयोग से मंत्री भी बनते रहे। ऐसे में समाजवादी पार्टी ने पिछले ढाई दशक से कुंडा में राजा भैया के खिलाफ अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतारा। वो राजा भैया का समर्थन करती रही। लेकिन, इस बार सपा ने उनके खिलाफ अपना प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतार दिया है, जिससे राजा भैया के समक्ष चुनौती खड़ी हो गई है।

TV9 Bharatvarsh ने जब अखिलेश यादव से गुलशन यादव के बारे में पूछा!

TV9 Bharatvarsh ने जब अखिलेश यादव से गुलशन यादव के बारे में पूछा पत्रकार की भाषा कुछ इस प्रकार थी “जियाउल हक हत्याकांड के आरोपी को आपने विधायक का टिकट दे दिया” तो अखिलेश यादव भड़क गए। वे बोले जो दूसरा प्रत्याशी है उसके बारे में तो कुछ नहीं कहा । और पूछा जियाउल हक हत्याकांड में सबसे ज्यादा कौन मारा गया था। दर असल उनका इशारा यादव की तरफ था । सच पूछा जाय तो जियाउल हक हत्याकांड में तीन लोग मारे गए थे जिनमें दो यादव भाई ( नन्हे यादव और सुरेश यादव ) और एक मुस्लिम (CO जियाउल हक). अखिलेश यादव का मानना है कि यह सारा षड्यंत्र राजा भैया का गढ़ा हुआ था जिसमें दो यादव और एक मुस्लिम की जान चली गईं थी यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यादव और मुस्लिम समाजवादी पार्टी के कोर वोटर हैं। साथ ही साथ 4 यादव को अरेस्ट किया गया था। अन्य जाति के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, अखिलेश यादव का मानना है कि यह षड्यंत्र उनकी पार्टी छवि को धूमिल करने के लिए किया गया। इतना ही नहीं पिछले 5 वर्षों में प्रदेश में सबसे अधिक कहीं समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमें दर्ज हुए , तो वह प्रतापगढ़ है। समाजवादी पार्टी के वर्तमान प्रतापगढ़ के जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव को फर्जी मुकदमे में जेल भिजवाने का श्रेय भी राजा भैया को दिया जाता है। यही कारण है कि अखिलेश यादव ने कुछ दिनों पहले राजा भैया को पहचानने से इनकार कर दिया था।

पवन यादव का परवीन आजाद को लेटर

दरअसल जियाउल हक मर्डर केस के आरोपियों में शामिल पवन यादव ने उनकी पत्नी परवीन आजाद को जेल से एक लेटर लिखा था। इस लेटर में पवन ने कहा था कि तत्कालीन कुंडा सीओ का मर्डर राजा भैया के इशारे पर किया गया था। इसी लेटर को आधार बनाकर परवीन आजाद ने सीबीआई की उस क्लोजर रिपोर्ट को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें राजा भैया को क्लीन चिट दी गई थी।

पवन यादव ने पत्र में साफ लिखा है कि डीएसपी हत्याकांड की जांच करने आयी सीबीआई ने गंभीरता से प्रकरण की जांच नहीं की है. राजा भैया के खास लोग ही सीबीआई की सेवा में लगे रहते थे. सीबीआई को राजा भैया की तरफ से ही सारी सुविधा मिलती थी, यहां तक की सीबीआई के लोगों को दारू और मुर्गा का इंतजाम भी कुंडा विधायक के लोग ही करते थे.

अब सीबीआई ने दोबारा इस हत्याकांड की जांच शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को डीएसपी जियाउल हक हत्याकांड में फिर से जांच का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि वह इस मामले में आरोपी हैं। जियाउल हक की पत्नी परवीन आजाद के पास पवन यादव के लेटर की कॉपी थी। उन्होंने इसे सार्वजनिक किया था, जिसमें लिखा था, “…राजा भैया का हत्या में हाथ है।

कुंडा विधानसभा का जाति समीकरण – Kunda vidhan sabha jati samikaran

कुंडा विधानसभा जातिगत समीकरण इस प्रकार है

जातिगत आंकड़े (अनुमानित)

अनुसूचित जाति80 हजार
मुस्लिम75 हजार
यादव65 हजार
ब्राह्मण40 हजार
क्षत्रिय20 हजार
अन्य पिछड़ी जातियां15 हजार
वैश्य15 हजार

कुंडा विधानसभा जातिगत समीकरण इस प्रकार है|

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